मोहिनी एकादशी 2024 कब है? कैसे करें पूजन,क्या है मोहिनी एकादशी की कथा और इस दिन कौन से उपाय करें चाहिए?

mohini ekadashi 2024

मोहिनी एकादशी 2024 कब है? कैसे करें पूजन,क्या है मोहिनी एकादशी की कथा और इस दिन कौन से उपाय करें चाहिए?

Mohini ekadashi 2024:- मोहिनी एकादशी व्रत का शुभ मुहूर्त!!

रविवार, 19 मई 2024

मोहिनी एकादशी प्रारंभ : 18 मई 2023 को सुबह 11 बजकर 22 मिनट से

मोहिनी एकादशी समाप्‍त: 19 मई 2023 को दोपहर 01 बजकर 50 मिनट पर

Mohini ekadashi 2024:- सनातन धर्म में मोहिनी एकादशी व्रत का महत्व!!

मोहिनी एकादशी एक हिंदू पवित्र दिन है, जो वैशाख मास के शुक्ल पक्ष में पड़ती है या ऐसा कहा जा सकता है कि वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी कहा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि यह दिन सभी पापों को नष्ट करने वाला उत्तम दिन है।

धर्मराज युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से पूछा था कि वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी का क्या नाम है? श्रीकृष्ण कहा कि हे राजेश्वर! इस एकादशी का नाम मोहिनी है। मैं तुम्हें ऐसी कथा कहता हूँ, जिसे गुरू वसिष्ठ ने श्री रामचंद्रजी से कही थी। एक समय श्रीराम बोले कि , हे गुरुदेव! कोई ऐसा व्रत बताइए, जिससे समस्त पाप और दुरूख का नाश हो जाए। मैंने सीताजी के वियोग में बहुत दुरूख भोगे हैं।

महर्षि वशिष्ठ बोले- हे राम! वैशाख मास में जो एकादशी आती है उसका नाम मोहिनी एकादशी है। इसका व्रत करने से मनुष्य सब पापों तथा दुरूखों से छूटकर मोहजाल से भी मुक्त हो जाता है। मोह किसी भी चीज का हो, मनुष्य को कमजोर ही करता है. इसलिए मोह से छुटकारा पाने की कामना रखने वाले इंसान के लिए मोहिनी एकादशी का व्रत बहुत उत्तम है।

Mohini ekadashi 2024:- मोहिनी एकादशी व्रत की कथा!!

एक राजा के पांच पुत्र थे। सुमना, द्युतिमान, मेधावी, सुकृत तथा धृष्ट्बुद्धि। धृष्ट्बुद्धि पांचवा पुत्र था, वह बड़ा ही व्याभिचारी, दुर्जन संग, बड़ों का अपमान करने वाला था। जुये आदि दुर्व्यसनों में उसकी बड़ी आसक्ति थी। वह वेश्याओं से मिलने के लिये लालायित रहता और अन्याय के मार्ग पर चलकर पिता का धन बरबाद किया करता। राजा ने उससे तंग आकर उसे अपने राज्य से बाहर निकाल दिया। वह वनों में जाकर रहने लगा और वह दर दर भटकने लगा। एक दिन पूर्व जन्म के संस्कार वश वह भटकते हुए भूख-प्यास से व्याकुल वह महर्षि कौँन्डिन्य के आश्रम जा पहुँचा। ऋषि ने उसे सत्संगति का महत्त्व समझाया। इससे उस धृष्ट्बुद्धि का हृदय परिवर्तित हो गया। वह अपने किये पाप कर्मों पर पछताने लगा। तब महर्षि कौँन्डिन्य ने उसे वैशाख शुक्ल मोहिनी एकादशी का व्रत करने की सलाह दी। व्रत के प्रभाव से धृष्ट्बुद्धि की बुद्धि निर्मल हो गई। इस प्रकार वह अपने पापों तथा दुःखों से मुक्त हो गया था। आज भी यह व्रत श्रद्धा के साथ किया जाता है।

Mohini ekadashi 2024:-मोहिनी एकादशी पर कैसे करें पूजा?

  • पूजा सुबह सूर्योदय के ठीक बाद की जानी चाहिए।
  • जातक को स्नान करके पीले रंग का वस्त्र धारण करना चाहिए।
  • घर के पूर्वोत्तर कोने में पीले रंग के कपड़े पर भगवान विष्णु की तस्वीर या मूर्ति रखें।
  • कलश लें और उसमें जल भरें. कलश के मुख को 11 पीपल के पत्तों से ढक दें। नारियल रखने की जरूरत नहीं है.
  • आप चाहें तो कलश पर भगवान श्री राम की तस्वीर या मूर्ति भी रख सकते हैं। (यह वैकल्पिक है)
  • इस दिन दीपक जलाने के लिए गाय का घी और हल्दी पाउडर मिलाएं। एक बाती को प्राथमिकता दी जाती है।
  • धूप या अगरबत्ती चंदन की होनी चाहिए।
  • पीले रंग के फूल चढ़ाने चाहिए.
  • तिलक केसर का होना चाहिए।
  • भोग या नैवेद्य (प्रसाद) के रूप में 11 केले चढ़ाने चाहिए। इसे बाद में गाय को खिला देना चाहिए।
  • ऊपर दिए गए मोहिनी एकादशी मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए।
  • आर्थिक परेशानी से जूझ रहे लोग भगवान को केसर से चुपड़ा हुआ सिक्का अर्पित कर सकते हैं। इसे बाद में पर्स में रख लेना चाहिए।
  • इस दिन पूजा के दौरान सूरजमुखी का फूल चढ़ाने से परिवार में मतभेद और लड़ाई-झगड़े दूर होंगे।
  • इस दिन 11 सूखी हल्दी अर्पित करें, व्यापार में उन्नति होगी। यह उन लोगों के लिए भी आदर्श है जो नई नौकरी ढूंढ़ रहे हैं। पूजा के बाद हल्दी का उपयोग खाना बनाने में किया जा सकता है.

Mohini ekadashi 2024:-मोहिनी एकादशी व्रत के दिन भूलकर भी ना करें यह गलतियां!!

  • शास्त्रों में मोहिनी एकादशी व्रत के संदर्भ में कुछ विशेष नियम बताए हैं। मान्यता है कि इन नियमों का पालन करने से व्रत सफल होता है और भगवान विष्णु प्रसन्न हो जाते हैं।
  • मोहिनी एकादशी व्रत के दिन पति-पत्नी में विवाद नहीं होना चाहिए। बल्कि, घर में धार्मिक माहौल बना रहना चाहिए।
  • एकादशी व्रत के दिन मांस या मदिरा का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से भगवान क्रोधित जाते हैं और व्यक्ति के जीवन में कई परेशानियां उत्पन्न हो जाती है।
  • जो लोग व्रत का पालन कर रहे हैं, उन्हें इस दिन अपना मन शांत रखना चाहिए। साथ ही क्रोध भूलकर भी नहीं करना चाहिए। मन में गलत विचार उत्पन्न ना हो, इसका भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।
  • एकादशी व्रत के दिन किए गए लोभ या कहे गए झूठ से व्यक्ति को बहुत परेशानियां उठानी पड़ती है। इसलिए इन आदतों को कम से कम एकादशी व्रत के दिन तो नहीं करना चाहिए।

Mohini ekadashi 2024:- मोहिनी एकादशी के अचूक उपाय!!

धन लाभ के लिए करें यह उपाय

मोहिनी एकादशी व्रत के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए दक्षिणावर्ती शंख की पूजा अवश्य करें। ऐसा करने से धन हानि रुक जाती है और आय के नए स्रोत प्राप्त होते हैं।

ऋण से मुक्ति प्राप्त करने के लिए

मोहिनी एकादशी व्रत के दिन तांबे के बर्तन में पानी में थोड़ी सी शक्कर मिलाकर पीपल के पेड़ में चढ़ाएं और शाम को वृक्ष के नीचे घी का दीपक अवश्य जलाएं। ऐसा करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और साधक को ऋण से जल्दी मुक्ति प्राप्त हो जाती है।

सफलता प्राप्त करने के लिए

एकादशी व्रत के दिन सफलता प्राप्त करने के लिए पीपल या तुलसी की पूजा जरूर करें। इसके साथ दूध में हल्का केसर मिलाकर भगवान विष्णु का अभिषेक करें। ऐसा करने से भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं।

घर परिवार में सुख समृद्धि के लिए करें उपाय

मोहिनी एकादशी व्रत के दिन शाम के समय तुलसी के पौधे के सामने घी का दीपक जलाएं, साथ ही ‘ॐ नमो वासुदेवाय नमः’ मंत्र का जाप अवश्य करें। इसके बाद तुलसी के पौधे की 11 या 21 बार परिक्रमा जरूर करें। ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है और परिवार के सदस्यों में निकटता बढ़ती है।

Subscribe to our Newsletter

To Recieve More Such Information Add The Email Address ( We Will Not Spam You)

Share this post with your friends

Leave a Reply

Related Posts

Ahoi Asthami 2024

Ahoi Ashtami 2024:- साल 2024 में अहोई अष्ठमी कब है?क्या है शुभ मुहूर्त,पूजन विधि,व्रत कथा और किन बातों का रखें खास ख्याल!!

Ahoi Ashtami 2024:- साल 2024 में अहोई अष्ठमी कब है?क्या है शुभ मुहूर्त,पूजन विधि,व्रत कथा और किन बातों का रखें खास ख्याल!!

sharad purnima 2024

Sharad Purnima 2024:- सांस और आँखों के रोग के लिए सबसे बड़ा वरदान है शरद पूर्णिमा की पूजा , जानिये विधि और महत्व !!

Sharad Purnima 2024:- सांस और आँखों के रोग के लिए सबसे बड़ा वरदान है शरद पूर्णिमा की पूजा , जानिये विधि और महत्व !!