सोमवार व्रत करने से मिलते हैं ये 5 लाभ, होता है जीवन-मृत्यु के चक्र से छुटकारा !!

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Somvar Vrat: हिंदू धर्म शास्त्रों में सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है. धर्म शास्त्रों में सोमवार का व्रत बहुत ही शुभ फलदायी माना गया है. कहा गया है कि अविवाहित लड़कियां मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए और विवाहित सुहागिनें अपने अखंड सौभाग्य के लिए सोमवार का व्रत रखती हैं. वहीँ पुरुष भी जीवन की समस्याओं के निवारणार्थ व्रत रखते हैं. भगवान शिव व्रत रखकर विधि –विधान से पूजा करने से अति प्रसन्न होते हैं और भक्तों को उनकी मनोकामनाएं पूरी होने के लिए आशीर्वाद प्रदान करते हैं.

परंतु कुछ लोगों के लिए सोमवार का व्रत वर्जित माना गया है. यदि ये लोग सोमवार का व्रत करें तो उन्हें भगवान शिव की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है. इसके साथ ही इन लोगों को व्रत और पूजा का शुभ फल भी नहीं प्राप्त होता है. उन्हें लाभ के स्थान पर हानि हो सकती है.

शिव पूजा के लिए सोमवार का दिन ही क्यों

सोमवार के दिन शिवजी की पूजा के साथ-साथ व्रत भी रखा जाता है. इस दिन रखे जाने वाले व्रत को सोमेश्वर व्रत के नाम से भी जाना जाता है. इसका अर्थ होता है सोम के ईश्वर यानि चंद्रमा के ईशवर जो कि भगवान शिव को कहा जाता है. पौराणिक कथा के अनुसार चंद्र देव ने इसी दिन भगवान शिव की अराधना करके उन्हें प्रसन्न किया था और अपने क्षय रोग से मुक्ति पायी थी. तब से ही सोमवार के दिन को ही भगवान शिव की पूजा के लिए उत्तम माना जाने लगा था. 

इतना ही नहीं, सोम का मतलब होता है सरल और सहज. अतः भगवान शिव को बहुत ही शांत देवता माना गया है. इसी कारण से भगवान शिव सोमवार दिन के अधिपत्य देवता कहलाते हैं. वहीं, एक पौराणिक कथा के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में स्वीकार करने के लिए कठिन तपस्या की थी साथ ही उन्हें पाने के लिए 16 सोमवार के व्रत भी रखे थे. इससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने माता पार्वती को वरदान मांगने को कहा था. जिसमें उन्होंने शिवजी को पति के रूप में मांगा था और शिवजी मना नहीं कर पाए थे. तब से ही सोमवार के व्रत की मान्यता है. 

भगवान शिव की पूजा में करें ये गलती
भगवान शिव के भक्त हर सोमवार उनका अभिषेक करते हैं. अभिषेक के दौरान इस बात का खास ध्यान रखें कि उन्हें दही, शहद और अभिषेक में चढ़ाई जाने वाली वस्तु अर्पित करने के बाद अंत में जल से जरूर स्नान कराएं या फिर साफ करें तभी आपका अभिषेक पूरा माना जाएगा.

शिवलिंग का अभिषेक करने से पहले हमेशा ध्यान रखें कि उनको अर्पित करने वाला दूध तांबे के पात्र में न रखें. इससे दूध संक्रमित हो जाता है. जो भगवान शिव पर अर्पित करने योग्य नहीं होता. अभिषेक वाला दूध हमेशा पीतल, चांदी या स्टील के पात्र में रखें.

पूजा करते समय इस बात का भी ध्यान रखें कि शिवलिंग के आसपास धूप या अगरबत्ती न लगाएं. पुराणों के अनुसार भगवान शिव को जितना शीतल रखा जाता है वे उतना ही प्रसन्न होते हैं. इसलिए धूप और अगरबत्ती हमेशा भगवान शिव से थोड़ी दूरी पर ही रखें.

शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव को कभी भी रोली या सिंदूर का तिलक ना लगाएं. भोलेनाथ को हमेशा चंदन का तिलक लगाएं. इसके अलावा जब भी उनका अभिषेक करें उस दूध में जल जरूर मिलाएं. बिना जल मिले दूध से भगवान शिव का अभिषेक नहीं करें.

कभी भी शिवलिंग की पूरी परिक्रमा ना करें. जिस स्थान से दूध निर्गम का रास्ता है वहीं पर रुक जाएं और वापस घूम जाएं. इन सभी बातों का ध्यान रखेंगे तो भगवान शिव अपने भक्तों से कभी नाराज नहीं होंगे.

सोमवार के दिन करें ये उपाय-

सोमवार के दिन स्नान करने के बाद 108 बार महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें. इससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है. सोमवार के दिन शिव की पूजा में बिल्व पत्र, अक्षत, चंदन, धतूरा और आंकड़े का फूल चढ़ाएं. इससे भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं.  सोमवार के दिन भगवान शिव का अभिषेक करने से विवाह संबंधित सभी दिक्कतें दूर होती हैं. सोमवार की पूजा हरे, लाल, सफेद, केसरिया, पीला या आसमानी रंग का वस्त्र पहन कर करें.

सोमवार व्रत के फायदे

1. सोमवार व्रत रखने से कुंडली में चंद्र ग्रह की स्थिति मजबूत होती है। इससे कई सारे रोगों से छुटकारा मिलता है।

2. सोमवार व्रत से अविवाहित लड़कियों को फलदायी लाभ मिलता है। मान्यता है कि 16 सोमवार व्रत रखने से कुवांरी लड़कियों को उत्तम वर की प्राप्ति होती है। 

3. सोमवार व्रत रखने से कुंडली में चंद्र ग्रह मजबूत होता है, जिससे नौकरी की समस्या का निदान और व्यवसाय में लाभ मिलता है।

4. पुराणों के अनुसार, सोमवार के व्रत से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और जीवन-मृत्यु के चक्र से छुटकारा मिल जाता है। 

5. सावन के सोमवार में व्रत रखने से वैवाहिक जीवन सुखमय और सभी परेशानियों से छुटकारा मिल जाता है। इस व्रत को स्त्री-पुरुष दोनों रख सकते हैं।

6. सोमवार व्रत रखने से व्यक्ति की सारी समस्याएं खत्म हो जाती हैं। भगवान शिव बहुत ही दयालु हैं, जो अपने भक्तों के छोटे से छोटे दुखों को दूर करते रहते हैं। इसलिए सोमवार व्रत को सभी पूरी श्रद्धा के साथ रखते हैं।

सोमवार व्रत और पूजा का महत्व

ऐसा माना जाता है कि जो भी व्यक्ति सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना और व्रत करता है उसे भगवान शिव का आशिर्वाद प्राप्त होता है. शिव अपने भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी करते हैं. सोमवार का व्रत करने से जीवन से दुख, रोग, कलह, क्लेश और आर्थिक तंगी दूर होती है. जीवन में विवाह संबंधी कोई परेशानी आ रही हो तो सोमवार का व्रत और पूजा करने से लाभ मिलता है.

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