Mesha Sankranti 2026:- क्या है मेष संक्रांति
एक वर्ष में 12 संक्रातियां पड़ती हैं पर इन सभी संक्रातियों में से मेष संक्रांति को बहुत महत्वपूर्ण का माना जाता है. मेष संक्रांति के दिन सूर्य मीन राशि से निकलकर मेष राशि के अंदर प्रवेश करते हैं. इसलिए हमारे शास्त्रों में मेष संक्राति के दिन सूर्य देव की पूजा का नियम बताया गया है. मेष संक्रांति को वैशाख संक्रांति के दूसरे नाम से भी जाना जाता है.
Mesha Sankranti 2026:- मेष संक्रांति का महत्व –
शास्त्रों के अनुसार मेष संक्राति के दिन स्नान-दान का विशेष महत्व होता है. मेष संक्रांति के दिन दिन अन्न का दान करने को विशेष महत्व दिया गया है. जिस समय सूर्य मीन राशि से निकल कर मेष राशि में प्रवेश करता है उस काल को मेष संक्रांति कहा जाता है और तभी से सौर वैशाख महीने की प्रवृत्ति होती है. मेष संक्रांति के दिन ही सूर्य देव उत्तरायण की आधी यात्रा को पूरा करते हैं. भारत में अलग-अलग जगहों पर मेष संक्रांति को अलग-अलग नामों से मनाया जाता है. बंगाल में रहने वाले लोग मेष संक्रांति के दिन अपना नया साल मनाते हैं. मेष संक्रांति के दिन धर्मघट का दान, स्नान, तिल द्वारा पितरों का तर्पण तथा मधुसूदन भगवान की पूजन को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. शास्त्रों में बताया गया है की मेष संक्रांति के पुण्यकाल में स्नान-दान और पितरों का तर्पण करने से बहुत पुण्य मिलता है. मेष संक्रांति के दिन सूर्य देव की पूजा अर्चना करने के साथ साथ गुड़ और सत्तू खाने का भी नियम है. बिहार राज्य में मेष संक्रांति के दिन को सतुआनी (सतुआ) के रूप में मनाते हैं.
Mesha Sankranti 2026:- मेष संक्रान्ति 2026 का शुभ मुहूर्त
मेष संक्रान्ति पुण्य काल मुहूर्त
मेष संक्रान्ति मंगलवार, अप्रैल 14, 2026 को
मेष संक्रान्ति पुण्य काल – 05:57 ए एम से 01:55 पी एम
अवधि – 07 घण्टे 58 मिनट्स
मेष संक्रान्ति महा पुण्य काल – 07:30 ए एम से 11:47 ए एम
अवधि – 04 घण्टे 16 मिनट्स
Mesha Sankranti 2026:- मेष संक्रांति के अनुष्ठान
- इस दिन भगवान शिव, हनुमान, विष्णु और मां काली की पूजा करना शुभ माना जाता है।
- श्रद्धालु गंगा, यमुना और गोदावरी नदियों के पवित्र जल में स्नान करते हैं।
- इस दिन, कुछ समुदाय ‘पाना’ नामक एक विशेष पेय तैयार करते हैं, जिसका सेवन सभी लोग करते हैं।
- भक्तों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे अपने द्वारा किए जाने वाले सभी कार्यों के लिए पुण्य काल मुहूर्त को ध्यान में रखें ताकि उन्हें अपने कर्मों का फल प्राप्त हो सके।
- व्यक्ति को अपना पूरा दिन सात्विक (स्वच्छ, ताजा तैयार शाकाहारी) भोजन करते हुए बिताने का प्रयास करना चाहिए और किसी भी बुरी आदत से बचना चाहिए।
- प्रत्येक समुदाय में होने वाले उत्सवों के दौरान अन्य अनुष्ठानों को करते समय स्तोत्र और भजनों का पाठ करना आवश्यक है।
Mesha Sankranti 2026:- मेष संक्रांति के अचूक उपाय
- मेष संक्रांति को सुबह सूर्य देव और रात के समय चंद्र देव की पूजा करना शुभ रहता है। पूजा-पाठ के साथ-साथ रात में चंद्र देव को दूध से अर्घ्य दें। अर्घ्य देते हुए अपनी मनोकामना को मन ही मन में बोलें। इस उपाय से जल्द ही आपकी मनोकामना पूरी हो सकती है। साथ ही परिवार में खुशियों का आगमन होगा और घरवालों को मानसिक शांति मिलेगी।
- मेष संक्रांति के पावन दिन संध्याकाल में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करना शुभ माना जाता है। पूजा के बाद देवी-देवताओं को गुड़ और तिल का भोग लगाएं। इस दौरान अपनी इच्छा को बार-बार बोलें और गलतियों के लिए उनसे माफी मांगे। इससे आपको विष्णु जी और मां लक्ष्मी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होगा। साथ ही आपकी मनोकामना भी जल्द पूरी हो जाएगी।
- यदि आपकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है या आपके ऊपर अच्छा-खासा कर्ज चढ़ा हुआ है, तो मेष संक्रांति के शुभ दिन रात के समय मां लक्ष्मी की पूजा करें। पूजा करने से पहले मां के सामने लाल कपड़े में 7 पीली कौड़ियां बांधकर रख दें। पूजा के बाद पोटली को घर की तिजोरी में रखें। इस उपाय से आपके घर में धन की देवी मां लक्ष्मी का वास होगा। साथ ही पैसों की कमी से भी जल्द छुटकारा मिल सकता है।





