Kali Chaudas: काली माता को प्रसन्न करेंगे ये आसान से उपाय !!

kali Chaudas 2022

Kali Chaudas 2022 । हिंदू धर्म में दीपावली से पहले रूप चौदस मनाई जाती है, जिसे काली चौदस के रूप में भी जाना जाता है। रूप चतुर्दशी का पर्व यमराज के प्रति दीप प्रज्वलित कर यम के प्रति आस्था प्रकट करने के लिए (kali Chaudas 2022) मनाया जाता है। रूप चौदस का त्यौहार बंगाल में विशेष रूप से पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। बंगाल में मां काली के जन्मदिन के रूप में भी मनाया जाता है, जिसके कारण इस दिन को काली चौदस कहा जाता है।

काली चौदस 2022 कब है

काली चौदस को देश में अलग-अलग नामों से भी मनाया जाता है। कुछ स्थानों पर काली चौदस को नरक चौदस या रूप चतुर्दशी के रूप में भी मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल नरक चतुर्दशी 24 अक्टूबर को मनाई जाएगी। हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर काली चौदस भी मनाई जाती है। काली चौदस मुहूर्त पर इस साल पूजा का मुहूर्त 23 अक्टूबर 2022, रात 11.42 मिनट से 24 अक्टूबर को रात में 12.33 मिनट तक रहेगा।

Kali Chaudas 2022: काली चौदस का महत्व

काली चौदस के दिन भक्तों की मनोकामना पूर्ण होती है, उन्हें बुरी आत्माओं से सुरक्षा मिलती है और साहस का आशीर्वाद मिलता है. इस दिन को वातावरण में चारों ओर की बुरी ऊर्जाओं से छुटकारा पाने के लिए सबसे अधिक प्रवाहकीय माना जाता है. काली चौदस को तांत्रिक और अघोरियों के लिए तपस्या और उनके विशिष्ट अनुष्ठानों के लिए आदर्श दिन माना जाता है.

Kali Chaudas 2022: विभिन्न प्रकार के टोटके या उपाय

काली मिर्च का टोटका

काली माता को काली मिर्च अति प्रिय है। ऐसे में काली चौदस के दिन अगर आप काली मिर्च के 7 दाने लेकर अपने सिर से 7 बार उतार कर किसी चौराहे पर फेंक देती हैं, तो आपको अचानक धन की प्राप्ति होती है और आर्थिक समस्या ( आर्थिक समस्‍या दूर करने के उपाय) भी दूर होती है। मगर आपको इस टोटके के बारे में किसी को भी नहीं बताना है।

हल्दी की गांठ के उपाय

काली चौदस के दिन देवी जी को काली हल्दी चढ़ाएं और फिर इसी हल्दी को अपने बाजुओं में बांध लें। इसके लिए आप लाल या फिर काला कपड़े में हल्दी को लपेट कर अपने बाएं हाथ के बाजू पर बांध लें। ध्‍यान रखें कि हाथ में बंधा कपड़ा किसी को भी नजर नहीं आए।

गुड़हल के फूल के उपाय

काली माता को गुड़हल का फूल अति प्रिय है। यह फूल बेहद चमत्कारी होता है। आपको काली चौदस पर काली माता को गुड़हल का फूल जरूर अर्पित करना चाहिए। गुड़हल का फूल सौभाग्य का प्रतीक होता है। इस उपाय से आपके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।

लौंग के टोटके

लौंग का जोड़ा भी आप काली माता को अर्पित कर सकती हैं। लौंग अर्पित करने से आपके अंदर मौजूद सारी की सारी नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है।

काली माता का बीज मंत्र

आपको 108 बार काली माता के बीज मंत्र ‘ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं स्वाहा।’ का उच्‍चारण भी करना चाहिए। यह आपके मन को शांत करता है और शत्रुओं का नाश करता है। 

नींबू का उपाय

काली चौदस पर आपको काली माता को नींबू की माला भेंट करनी चाहिए यह माला 1001 नींबुओं से तैयार की जानी चाहिए। इससे आपके घर पर यदि किसी नकारात्मक शक्ति का प्रभाव है, तो वह समाप्त हो जाता है।

चने की दाल और गुड़ का उपाय

मां को भोग में चने की दाल और गुड़ का भोग लगाना चाहिए। यह भोग माता जी को बहुत पसंद होता है। इसलिए आप काली चौदस पर यह भोग काली माता को जरूर अर्पित करें।

Kali Chaudas 2022 काली चौदस पूजा विधि –

  • इस दिन सबसे पहले प्रातः काल अभ्यंग स्नान (तेल मालिश कर के नहाना ) चाहिए, जिससे व्यक्ति नरक में जाने से बच जाता है।
  • उसके बाद आप मां काली की मूर्ति की स्थापना एक चौकी पर करें।
  • मां की प्रतिमा पर अक्षत, फूल आदि चढ़ाकर दीप जला दें|
  • अब आप मां काली का ध्यान कर के मन्त्रों का जाप करें|
  • मां काली की आरती करें और प्रसाद बांटे।

Subscribe to our Newsletter

To Recieve More Such Information Add The Email Address ( We Will Not Spam You)

Share this post with your friends

Leave a Reply

Related Posts

tirupati balaji mandir

भगवन विष्णु के अवतार तिरुपति बालाजी का मंदिर और उनकी मूर्ति से जुड़े ख़ास रहस्य,तिरुपति बालाजी मंदिर में दर्शन करने के नियम!!

भारत में कई चमत्कारिक और रहस्यमयी मंदिर हैं जिसमें दक्षिण भारत में स्थित भगवान तिरुपति बालाजी का मंदिर भी शामिल है। भगवान तिरुपति बालाजी का

angkor wat temple

भारत में नहीं बल्कि इस देश में है दुनिया का सबसे बड़ा हिन्दू मंदिर, जाने अंगकोर वाट से जुडी सारी जानकारी!!

हिंदू धर्म सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। इसकी पुरातन संस्कृति की झलक पूरी दुनिया में दिखती है। यही कारण है कि इस धर्म के

kamakhya temple

जाने कामख्या देवी मंदिर से जुड़े कुछ ऐसे ख़ास रहस्य जो उड़ा देंगे आपके होश!!

माता कामाख्या देवी मंदिर पूरे भारत में प्रसिद्ध है। यह मंदिर 52 शक्तिपीठों में से एक है। भारतवर्ष के लोग इसे अघोरियों और तांत्रिक का