कौन से हैं रोज के करने वाले दान और जानिये कौन से होते हैं महादान !!

Dan

आपको हर अलग-अलग दिन क्या दान करना चाहिए

शास्त्रों और पुराणों में भी लिखा है और यह बात हम अपने घरों में बुजुर्गों के मुंह से भी सुनते आए हैं कि हमें अपनी कमाई का कुछ हिस्सा दान-पुण्य में भी खर्च करना चाहिए। ऐसा करके न सिर्फ अपने इस जन्म के अच्छे कर्मों का पुण्य प्राप्त करते हैं बल्कि परलोक में भी अपने लिए बेहतर स्थान प्राप्त करते हैं। आपको क्या वस्तुएं दान करनी हैं इस बारे में कई बार हमें पता नहीं होता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं सप्ताह के 7 दिन में आपको हर अलग-अलग दिन क्या दान करना चाहिए।

सोमवार का दिन भगवान शिव और चंद्रमा से संबंधित माना जाता है। इस दिन सफेद वस्तुओं को दान करने का सबसे अधिक महत्व होता है। इस दिन आप चाहें तो चावल, सफेद वस्त्र, सफेद पुष्प व मिश्री-नारियल का दान कर सकते हैं। ऐसा करने से शिवजी की विशेष कृपा के साथ आपको चंद्रमा भी मजबूत होता है।

मंगलवार को दान करना बेहद परमफलदायी माना जाता है। मंगलवार को  लाल फूल, लाल चंदन, लाल वस्त्र, बादाम और तांबे के बर्तनों का दान करना सबसे शुभ माना जाता है। मंगलवार को दान करने से जहां आपका मंगल मजबूत होता है वहीं संकटमोचन बजरंगबली की कृपा और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

बुधवार को दान करना हम सबके करियर के लिए बेहद फायदेमंद होता है। बुधवार को हरी वस्तुओं का दान करना सबसे शुभ माना जाता है। आप जरूरतमंदों को इस दिन हरी मूंग, हरे रंग के वस्त्र या फिर सुहागिन महिलाओं को हरी चूड़ियां दान कर सकते हैं।

बृहस्पतिवार को किया गया दान हमारे सम्मान की रक्षा करता है।  बृहस्पतिवार को दान करना हमें समाज में सम्मान के साथ ही धन, वैभव और यश की प्राप्ति करवाता है। बृहस्पतिवार पर बृहस्पति ग्रह का प्रभाव होता है तो इस दिन पीली वस्तुओं का दान सबसे  शुभ माना जाता है। इस दिन आपको पीले वस्त्र, पीले अनाज, गुड़ और स्वर्ण का दान करना चाहिए।

शुक्रवार का दान आपको शुक्र ग्रह की शुभता प्रदान करता है। शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को भी समर्पित होता है। इस दिन आप केसर और चावल की खीर बनाकर जरूरतमंदों को दान कर सकते हैं।  इसके अलावा इस दिन आप सफेद वस्तुओं का दान करके लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस दिन दान करने से आपके घर में सुख-समृद्धि आती है। इसके साथ ही शुक्रवार को नमक का दान भी विशेष पुण्यदायी होता है।

शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित होता है। इस दिन शनिदेव के निमित्त दान करने से आपके ऊपर से शनिदेव के अशुभ प्रभाव समाप्त होते हैं। शनिवार को उड़द की दाल, सरसों का तेल, काले वस्त्रों का दान करना सबसे शुभ माना जाता है। शनिवार का दिन दान पुण्य करने के लिहाज से सबसे शुभफलदायी माना जाता है।

रविवार का दान सूर्यदेव को समर्पित होता है। सूर्यदेव हम सबक कुंडली में मान-सम्मान के कारक माने जाते हैं। रविवार को हमें ऐसी वस्तुओं का दान करना चाहिए जो लाल या फिर केसरिया रंग की हों। रविवार को लाल फूल, नारंगी वस्त्र और लाल रंग के फलों का दान करने से आपके सम्मान की रक्षा होती है।

 

इसके इलावा कुछ दान ऐसे भी हैं जो एक इंसान रोज तो नहीं कर सकता पर इनका महत्व इतना ज्यादा है की जिंदगी में एक बार करने पर ही यह मनुष्य के कई कष्ट दूर करते है और बहुत पुण्य अर्जित करने में सहायक हैं

यह दान हैं :-

भूमि दान

पहले के समय में राजाओं द्वारा योग्य और श्रेष्ठ लोगों को भूमि दान किया जाता था। भगवान विष्णु ने बटुक ब्राह्मण का अवतार लेकर तीन पग में ही तीनों लोक नाप लिए थे। यदि सही प्रकार से इस दान को किया जाए तो इसका बहुत महत्व होता है। यदि आश्रम, विद्यालय, भवन, धर्मशाला, प्याउ, गौशाला निर्माण आदि के लिए भूमि दान किया जाए तो श्रेष्ठ रहता है।

गौदान

सनातन संस्कृति में गौ दान को विशेष महत्व माना जाता है। इस दान के संबंध में कहा जाता है कि जो व्यक्ति गौदान करता है, इस लोक को बाद परलोक में भी उसका कल्याण होता है। दान करने वाले व्यक्ति और उसके पूर्वजों को जन्म मरण के चक्र से मुक्ति प्राप्त होती है।

कन्या दान

कन्या दान को महादान कहा जाता है। सनातन धर्म में कन्या दान को सर्वोत्तम माना गया है। यह दान कन्या के माता-पिता द्वारा उसके पाणिग्रहण संस्कार पर किया जाता है। इस दान में माता-पिता अपनी पुत्री का हाथ वर के हाथ में रखते हुए संकल्प लेते हैं और उसकी समस्त जिम्मेदारियां वर को सौंप देते हैं।

विद्या दान

विद्या धन का दान गुरु वरिष्ठ सलाहकार योग्य द्वारा प्रदान किया जाता है। इस दान से मनुष्य में  विद्या, विनय औऱ विवेकशीलता के गुण आते हैं। जिससे समाज और विश्व का कल्याण होता है। भारतीय संस्कृति में सदियों से गुरु-शिष्य परंपरा में विद्या दान चला आ रहा है। विद्या एक ऐसा धन है जो बांटने से और भी बढ़ता है।

Subscribe to our Newsletter

To Recieve More Such Information Add The Email Address ( We Will Not Spam You)

Share this post with your friends

Leave a Reply

Related Posts

parma ekadashi 2024

क्या है परमा एकादशी? क्यों और कैसे मनायी जाती है परमा एकादशी? जाने परमा एकादशी से जुड़ी सारी जानकारी !!

क्या है परमा एकादशी? क्यों और कैसे मनायी जाती है परमा एकादशी? जाने परमा एकादशी से जुड़ी सारी जानकारी !!

khatu Shyaam ji

कौन है बाबा खाटू श्याम जी? इतिहास और पौराणिक कथा क्या है? क्यो होती है खाटू श्याम जी की कलयुग में पूजा!!

कौन है बाबा खाटू श्याम जी? इतिहास और पौराणिक कथा क्या है? क्यो होती है खाटू श्याम जी की कलयुग में पूजा!!

https://apnepanditji.com/parama-ekadashi-2023/

Parama Ekadashi 2023

About Parama Ekadashi Auspicious time of Parma Ekadashi Importance of Parama Ekadashi Significance of Parma Ekadashi Parma Ekadashi Puja Method Common Acts of Devotion on