Bhadrapada Purnima 2024:- भाद्रपद पूर्णिमा 2024 कब है? क्या है शुभ मुहूर्त और तिथि, कैसे करें पूजा, क्या है भाद्रपद का इतिहास और महत्व, क्या है अचुक उपाय?

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Bhadrapada Purnima 2024:- भाद्रपद पूर्णिमा कब है?

भाद्रपद पूर्णिमा 10 सितंबर 2022 को शनिवार के दिन मनाई जाएगी. पारंपरिक हिंदू पंचांग अनुसार भाद्रपद महीने में पूर्णिमा तिथि भाद्रपद माह की पूर्णिमा के रुप में जानी जाती है. इस दिन श्री विष्णु भगवान का पूजन विशेष रुप से किया जाता है. भाद्रपद पूर्णिमा को अत्यंत विशेष समय माना जाता है जब चंद्रमा का बल भी बहुत मजबूत होता है और प्रकृत्ति में भी इस का विशेष असर दिखाई देता है. इस शुभ दिन पर भक्त भगवान सत्यनारायण की पूजा करते हैं जो भगवान विष्णु के अवतार हैं. भाद्रपद पूर्णिमा पूरे भारत में, विशेष रूप से गुजरात राज्य में अत्यधिक उल्लास और उत्साह के साथ मनाई जाती है. गुजरात में अंबाजी के मंदिर में इस दिन विशेष उत्सव मनाया जाता है.

 Bhadrapada Purnima 2024:- भारत के लिए भाद्रपद पूर्णिमा व्रत मुहूर्त!!

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ 17 सितंबर 2024 को 11:46:50 पर

पूर्णिमा तिथि 18 सितंबर 2024 को 08:06:43 पर समाप्त होगी

हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह की पूर्णिमा को भाद्रपद पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। हिंदू धर्म में इस पूर्णिमा का बहुत महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु के सत्यनारायण स्वरूप की पूजा की जाती है। इसी दिन उमा-महेश्वर का व्रत भी किया जाता है। यह दिन इसलिए भी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी दिन पितृ पक्ष, जिसे आम तौर पर श्राद्ध के नाम से जाना जाता है, शुरू होता है और आश्विन अमावस्या पर समाप्त होता है।

Bhadrapada Purnima 2024:- भाद्रपद पूर्णिमा का महत्व!!

सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार, पूर्णिमा के दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति होती है। भाद्रपद की पूर्णिमा से पितृ पक्ष की भी शुरुआत होती है। साथ ही इस दिन स्नान-दान करना बहुत पुण्यदायी होता है। माना जाता है कि पूर्णिमा के दिन गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने से साधक को पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। यदि ऐसा करना संभव न हो तो आप घर में भी पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं।

Bhadrapada Purnima 2024:- भाद्रपदमास पूर्णिमा शुभ मुहूर्त और संयोग!!

इस साल भाद्रपद मास की पूर्णिमा 28 सितंबर को शाम को 6:49 से शुरू हो जाएगी, जो कि 29 सितंबर को दोपहर 3:26 तक रहेगी. ऐसे में पूर्णिमा का व्रत 28 सितंबर के दिन ही किया जाना चाहिए और 29 सितंबर के दिन दान आदि करना चाहिए. इस दिन 5 विशेष संयोग बना रहे हैं. पहले तो पूर्णिमा शुक्रवार के दिन है और ये दिन धन की देवी लक्ष्मी का प्रिय दिन होता है, इसके अलावा सर्वार्थ सिद्धि योग, वृद्धि योग, ध्रुव योग और अमृत सिद्धि योग भी इस खास दिन पर बन रहा है.

Bhadrapada Purnima 2024:- भाद्रपद पूर्णिमा व्रत पूजा विधि!!

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद पूर्णिमा के दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा करने से व्यक्ति के दुख-दर्द दूर हो जाते हैं और उसका जीवन सुख-समृद्धि से भर जाता है। इस व्रत की पूजा विधि इस प्रकार है:

  • सुबह उठकर व्रत का संकल्प लें। किसी पवित्र नदी, झील या तालाब में स्नान करें।
  • भगवान सत्यनारायण की विधिपूर्वक पूजा करें और भगवान को नैवेद्यम के साथ-साथ फल और फूल भी चढ़ाएं।
  • सत्यनारायण कथा सुनें और बाद में पंचामृत और चूरमा (प्रसाद) बांटें।
  • किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को भोजन और वस्तुएं दान करें।

Bhadrapada Purnima 2024:- पूजा करने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है!!

भाद्रपद मास की पूर्णिमा को लेकर ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज शुक्ला ने बताया कि पूर्णिमा हर मास की शुक्ल पक्ष की आखिरी तिथि को होती है. यह दो प्रकार की होती है, एक व्रत पूर्णिमा और दूसरी स्नान दान पूर्णिमा. जिस दिन व्रत पूर्णिमा पड़ती है, उस दिन व्रत रखकर भगवान सत्यनारायण विष्णु की पूजा की जाती है. इस बार भादों मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 29 सितंबर दिन शुक्रवार को पड़ रही है, इसी दिन स्नान दान पूर्णिमा पड़ रही है. व्रत पूर्णिमा 28 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के रूप में मनाई जाएगी. व्रत पूर्णिमा यानी 28 सितंबर को व्रत रखना चाहिए और स्नान दान पूर्णिमा के दिन बड़े बड़े तीर्थ महासागर में स्नान करके दान देना चाहिए. इस दिन को पूर्णिमा श्राद्ध के रूप में भी मनाई जाती है.

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