Akshaya Tritiya 2026:- अक्षय तृतीया हिंदू और जैन धर्म का एक शुभ पर्व है. इसे दिन को बिना पंचांग देखे किए जाने वाले सभी शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ माना गया है. इस दिन दान, पूजन, विवाह और नई शुरुआत करना अत्यंत मंगलकारी माना जाता है. अक्षय तृतीया हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है. यह तिथि आमतौर पर अप्रैल-मई के महीने में पड़ती है और हिंदू पंचांग के अनुसार अत्यंत शुभ मानी गई है.
हिन्दू धर्म मे अक्षय तृतीया का काफी महत्व है, क्योंकि इस दिन किए गए शुभ कार्य, दान-पुण्य और पूजा का फल कभी क्षय यानी नष्ट नहीं होता है. यह दिन समृद्धि, सौभाग्य और नई शुरुआत के लिए अत्यंत मंगलकारी माना गया है. आइए जानते हैं, साल 2026 में अक्षय तृतीया कब है और इस दिन सोना खरीदने का सही मुहूर्त क्या है?
Akshaya Tritiya 2026:- अक्षय तृतीया सोना खरीदना क्यों है शुभ?
अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है क्योंकि यह दिन अक्षय फलदायी होता है, यानी इस दिन किया गया निवेश कभी क्षय नहीं होता. माना जाता है कि सोना लक्ष्मी का प्रतीक है, इसलिए इस दिन इसे खरीदने से घर में समृद्धि और सौभाग्य बढ़ता है. पुराणों के अनुसार यह दिन किसी भी नई शुरुआत और धन से जुड़े कार्यों के लिए अत्यंत मंगलकारी होता है. लोग विश्वास करते हैं कि इस दिन खरीदा गया सोना जीवन में स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा लाता है. लेकिन इस दिन केवल सोना ही नहीं बल्कि बर्तन, धातु की मूर्तियां, वाहन यानी गाड़ी और अन्य कीमती सामान खरीदना भी बहुत शुभ होता है.
Akshaya Tritiya 2026:- अक्षय तृतीया 2026 का शुभ मुहूर्त
अक्षय तृतीया रविवार, अप्रैल 19, 2026 को
अक्षय तृतीया पूजा मुहूर्त – 10:49 ए एम से 12:20 पी एम
अवधि – 01 घण्टा 32 मिनट्स
तृतीया तिथि प्रारम्भ – अप्रैल 19, 2026 को 10:49 ए एम बजे
तृतीया तिथि समाप्त – अप्रैल 20, 2026 को 07:27 ए एम बजे
Akshaya Tritiya 2026:- अक्षय तृतीया की पूजा विधि
- पूजा स्थल को भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र से सजाएं।
- घी का दीपक जलाएं और तुलसी पत्र, पुष्प, फल और चावल अर्पित करें।
- विष्णु सहस्रनाम, लक्ष्मी अष्टोत्तर और अक्षय तृतीया मंत्र का जाप करें।
- आरती कर दूध या गुड़ से बने प्रसाद का वितरण करें।
- अपनी क्षमता अनुसार अन्न या स्वर्ण का दान करें।
Akshaya Tritiya 2026:- अक्षय तृतीया का अनुष्ठान
- प्रातः स्नान करें और नए, स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- भगवान विष्णु, देवी लक्ष्मी और कुबेर की पूजा करें और समृद्धि की कामना करें।
- पूजन के दौरान जौ, गेहूं, घी और तुलसी पत्र अर्पित करें।
- ‘अन्नदान’ करें — गरीबों को भोजन, जल और वस्त्र दान करें, जो सर्वोत्तम दान माना गया है।
- इस दिन सोना-चांदी खरीदना या नया कार्य प्रारंभ करना अति शुभ माना जाता है।
Akshaya Tritiya 2026:- अक्षय तृतीया का धार्मिक महत्व
अक्षय तृतीया को सर्वसिद्धि योग कहा गया है यानी इस दिन किसी भी कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती। पुराणों के अनुसार इसी दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ था। यही नहीं, इस पवित्र तिथि पर गंगा अवतरित हुई, वेदव्यास और भगवान गणेश ने महाभारत लिखना प्रारंभ किया, और सतयुग-त्रेतायुग की शुरुआत भी इसी तिथि को मानी जाती है।
ज्योतिष शास्त्र में भी यह दिन अत्यंत शुभ माना गया है। सोना खरीदना, गृह-निर्माण, वाहन लेना, व्यवसाय की शुरुआत, विवाह-संस्कार या किसी लंबे समय से रुके कार्य को शुरू करना इस दिन अत्यंत फलदायी माना जाता है। माना जाता है कि इस दिन किया गया दान कई गुना पुण्य देता है।
Akshaya Tritiya 2026:- अक्षय तृतीया पर दान पुण्य से जुड़ा उपाय
- अक्षय तृतीया पर दान पुण्य से जुड़ा उपाय
अक्षय तृतीया के दिन किया गया दान अनंत गुणा फल देने वाला माना जाता है। इस दिन सुबह स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें और किसी ब्राह्मण, गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को जल से भरे घड़ा कलश, सत्तू, चावल, गेहूं, घी, गुड़, कपड़े और शर्बत आदि का दान करें। साथ ही यथाशक्ति सोना, चांदी या तांबे के बर्तन का भी दान करना अत्यंत शुभफलदायी होता है।
दान करते समय मन में यह संकल्प अवश्य लें कि यह दान भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को समर्पित है।
दान करते वक्त इस मत्र का जप करें।
“ॐ विष्णवे नमः”
जप करते हुए दान देने से पुण्य अक्षय हो जाता है और जीवन में स्थायी सुख, समृद्धि तथा सौभाग्य की प्राप्ति होती है। यदि संभव हो तो इस दिन पीने के पानी की व्यवस्था करवाना भी अत्यंत पुण्यकारी माना गया है।
- अक्षय तृतीया पर करें पीली कौड़ी का ये उपाय
अक्षय तृतीया के दिन शास्त्रों में कौड़ियां घर में लाने का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन धन, समृद्धि और सौभाग्य बढ़ाने के लिए पीले कपड़े में सात पीली कौड़ियां बांधकर घर के तिजोरी या धन स्थान में रखने का विशेष महत्व है। प्रातः स्नान करके शुद्ध और पवित्र भाव से पूजा स्थान पर मां लक्ष्मी के समक्ष सात पीली कौड़ियां रखें। उन्हें हल्दी, अक्षत और पुष्प अर्पित करें। फिर “ॐ श्री महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र का 108 बार जप करें। इसके बाद कौड़ियों को पीले कपड़े में बांधकर तिजोरी, धन रखने के स्थान या कैश बॉक्स में स्थापित करें। यह उपाय करने से घर में धन का प्रवाह बढ़ता है, आर्थिक संकट दूर होते हैं और मां लक्ष्मी की कृपा सदा बनी रहती है।





