Vrishabha Sankranti 2024:-  वृषभ संक्रांति 2024 में कब है ? वृष राशि के लिए 2024 कैसा रहेगा?

Vrishabha Sankranti 2024:

Vrishabha Sankranti 2024 Details:- सूर्य के एक राशि से दूसरे राशि में गोचर करने को संक्रांति कहा जाता है। पूरे साल में कुल 12 संक्रान्तियां होती हैं और हर एक संक्रांति का अपना अलग महत्व होता है।  हिन्दू धर्म में संक्रांति का समय बहुत पुण्यकारी माना जाता है। इस दिन पितृ तर्पण, दान, धर्म और स्नान आदि का बहुत महत्व होता है। इस समय सूर्य देव अपनी उच्च राशि मेष में हैं और 10 मई, 2024 को वो वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। वृषभ राशि में सूर्य के प्रवेश को वृषभ संक्रांति कहा जाता है।

Vrishabha Sankranti 2024:- वृषभ संक्रांति क्या है?

  • हिन्दू कैलेंडर में अन्य 12 संक्रांति की तरह वृषभ संक्रांति, धार्मिक कार्यों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक दिन है।
  • हालांकि, केवल एक निश्चित अवधि सभी संक्रांति से संबंधित गतिविधियों के लिए शुभ मानी जाती है।
  • वृषभ संक्रांति से पहले सोलह घटी को पवित्र माना जाता है। भारत के दक्षिणी राज्यों में वृषभ संक्रांति को वृषभ संक्रमण के नाम से भी जाना जाता है, जो सौर कैलेंडर में वृषभ ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है।
  • यह तमिल में वेगास मासम की शुरुआत, मलयालम में एडवा मासम और बंगाली कैलेंडर में ज्येष्ठ मास का भी प्रतीक है।
  • ‘गोदान – एक सम्मानित ब्राह्मण को पवित्र गायों को अर्पित करने की परंपरा है। वृषभ संक्रांति के शुभ दिन पर ऐसा करना बहुत भाग्यशाली माना जाता है।
  • इस दिन, मंदिरों में अनूठी व्यवस्था की जाती है, और उपासक भगवान विष्णु के मंदिर में अच्छे और बुरे के बीच अंतर करने के लिए ज्ञान प्राप्त करने के लिए जाते हैं।
  • भारतीय वैदिक ज्योतिष में संक्रांति लगभग 432 किलोमीटर लंबी और चौड़ी है।
  • दूसरी ओर, संक्रांति पश्चाताप, कल्याण और श्राद्ध अनुष्ठानों के लिए एक महत्वपूर्ण अवधि है।
  • हिंदू भक्त पवित्र नदियों में स्नान करते हैं, अपने पूर्वजों के लिए श्राद्ध कर्म करते हैं और गरीबों की सहायता करते हैं और उन्हें दान देते हैं।

Vrishabha Sankranti 2024:- वृषभ संक्रांति का महत्व क्या है ?

वृषभ संक्रांति के दौरान सूर्य देवता मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में प्रवेश करते हैं। इस दिन सूर्य देवता 9 दिनों के लिए रोहिणी नक्षत्र में भी आते हैं। इसलिए इन 9 दिनों में बहुत ही तेज गर्मी पड़ती है। सूर्य की परिक्रमा के चलते इन 9 दिनों को नवतपा भी कहा जाता है। यही वजह है कि इस दौरान जल का विशेष महत्व माना जाता है।

इस संक्राति में  घर के बाहर प्याऊ लगवाना या लोगों को जल पिलाना बहुत पुण्यकारी माना जाता है।  वृषभ संक्रांति के दौरान ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का उच्चारण पूर्वक जाप करना भी बेहद फलदाई होता है।

Vrishabha Sankranti 2024:- वृषभ वार्षिक राशिफल की जानकारी:-

करियर की स्थिति

वृषभ राशि के जातकों को करियर के क्षेत्र में इस साल अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। शनि आपके दसवें भाव यानी कर्म भाव में विराजमान रहेंगे जिससे करियर क्षेत्र में आपको सफलता प्राप्त हो सकती है। इस साल आपको बीते वर्षों में किए गए अपने प्रयासों का अच्छा परिणाम प्राप्त हो सकता है। जो लोग नौकरी में बदलाव करने के बारे में सोच रहे हैं उनको भी सफलता प्राप्त हो सकती है। हालांकि इस राशि के व्यापारियों के लिए यह साल थोड़ा चुनौतियों भरा साबित होगा, इस साल आपके विरोधी आपके खिलाफ साजिश करने की कोशिश कर सकते हैं इसलिए सावधान रहें। इस साल के अंत में राहु आपके लाभ भाव में प्रवेश करेंगे इसलिए जोखिम भरे कार्यों को करने से बचें। जल्‍दबाजी में आकर कोई भी निर्णय लेने से इस साल आपको बचना चाहिए।

आर्थिक स्थिति

वृषभ राशि के लोगों के आर्थिक पक्ष की बात की जाए तो साल के पहले 3 महीने चुनौतियों भरे रह सकते हैं। धन को संचित करने में इस दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, अचानक से धन खर्च होगा जिससे मानसिक परेशानियां भी हो सकती हैं। हालांकि अप्रैल के बाद आर्थिक मामलों में आपको सफलता मिलेगी। इस राशि के जातकों को आय के नए स्रोत इस दौरान मिल सकते हैं। साल के अंत में आर्थिक स्थिति सामान्य बनी रहेगी।

प्रेम और वैवाहिक जीवन

वृषभ राशि के जातकों के प्रेम जीवन की बात करें तो कुछ लोग नए रिश्ते में इस साल आ सकते हैं। हालांकि प्रेम जीवन में अपने लव पार्टनर को आकर्षित करने के लिए आपका पैसा खूब खर्च हो सकता है। जो लोग सिंगल हैं उनकी मुलाकात किसी खास से इस साल हो सकती है। हालांकि जो लोग अपने किसी सहकर्मी के प्रेम में पड़े हैं उन्हें थोड़ा सावधान रहना होगा। दिल की बातों को जितना छुपाकर रखेंगे उतना आपके लिए अच्छा रहेगा। वैवाहिक जीवन के लिए यह साल मिलाजुला साबित होगा। साल की शुरुआत में आप जीवनसाथी को खुश करने के लिए उन्हें किसी तरह का सरप्राइज दे सकते हैं। वैवाहिक जीवन की गाड़ी साल के मध्य में बहुत अच्छी तरह से चलेगी लेकिन साल के अंत में कुछ दिक्कतें वैवाहिक जीवन में आ सकती हैं।

पारिवारिक जीवन

वृषभ राशि के लोग इस साल काम के प्रति बहुत फोक्स्ड नजर आएंगे जिसके कारण परिवार के साथ अधिक समय बिताने का मौका इनको नहीं मिलेगा। घर वालों को आपसे शिकायत रहेगी कि आप पर्याप्त समय उनको नहीं देते। गुरु के आपके द्वादश भाव में आने की वजह घर के किसी सदस्य की तबीयत में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है और आपका धन भी उनकी सेहत पर खर्च हो सकता है। हालांकि इस राशि के कुछ लोगों को धार्मिक यात्राएं करने का मौका मिलेगा और ये यात्राएं घर के लोगों के साथ हो सकती हैं। पिता के स्वास्थ्य को लेकर वृषभ राशि के लोगों को सावधान रहने की जरूरत होगी।

सेहत

सेहत की बात की जाए तो वृषभ राशि के लोगों को अपने स्वास्थ्य को लेकर गंभीर रहना होगा। खान-पान का विशेष ध्यान रखना होगा नहीं तो किसी बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। इस राशि के कुछ लोगों को हृदय संबंधित परेशानी भी हो सकती है। आपको इस साल अपनी सेहत को दुरुस्त करने के लिए समय निकालना चाहिए। अगर आप किसी पहाड़ी जगह पर घूमने जाते हैं तो आपकी कई मानसिक परेशानियां दूर हो सकती हैं जिससे सेहत में भी अच्छे बदलाव आएंगे।

Vrishabha Sankranti 2024:- वृषभ संक्रांति पूजा विधि और मंत्र क्या है ?

वृषभ संक्रांति के दिन ब्रह्म बेला में उठें और घर की साफ-सफाई करें। इसके पश्चात स्नान ध्यान करें। कोरोना संक्रमण के चलते नदियों या सरोवरों में स्नान करना संभव नहीं है। ऐसी स्थिति में घर पर ही गंगाजल मिश्रित पानी से स्नान करें। इसके बाद सर्वप्रथम भगवान सूर्य देव को जल का अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय निम्न मंत्र का जरूर उच्चारण करें।

एहि सूर्य! सहस्त्रांशो! तेजो राशे! जगत्पते!

अनुकम्प्यं मां भक्त्या गृहाणार्घ्य दिवाकर

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