Chaitra Purnima 2026:- चैत्र पूर्णिमा 2026 कब है? जाने कब है पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि, महत्व और अचुक उपाय!!

Chaitra Purnima 2026

Chaitra Purnima 2026:- चैत्र माह की पूर्णिमा को चैत्र पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। इसे चैती पूनम के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू वर्ष का पहला माह होने के कारण हिंदू धर्म में इसका विशेष महत्व है। इस दिन लोग भगवान सत्यनारायण का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उपवास रखते हैं और रात्रि में चंद्र देव की पूजा करते हैं। ऐसा माना जाता है कि चैत्र पूर्णिमा पर नदी, तीर्थ सरोवर या पवित्र जलाशय में स्नान करने और दान करने से पुण्य प्राप्ति होती है। उत्तर भारत में इस दिन हनुमान जयंती भी मनाई जाती है।

Chaitra Purnima 2026:- चैत्र पूर्णिमा 2026 व्रत मुहूर्त

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ 1 अप्रैल 2026 को प्रातः 07:08:49 बजे

पूर्णिमा तिथि 2 अप्रैल 2026 को 07:44:13 पर समाप्त होगी

Chaitra Purnima 2026:- चैत्र पूर्णिमा की पूजा विधि

  • चैत्र पूर्णिमा के दिन आप सुबह ही पवित्र नदी में स्नान कर लें।
  • अगर आप किसी पवित्र नदी में स्नान नहीं कर सकते हैं, तो घर पर ही पानी में गंगाजल डालकर स्नान कर सकते हैं।
  • इसके बाद आप एक चौकी लेकर उसपर भगवान विष्णु की मूर्ति को स्थापित करें।
  • अब प्रभु का गंगाजल से अभिषेक करें।
  • फूल, मिठाई चढ़ाकर आप घी का दीपक जला लें।
  • भगवान विष्णु के मंत्रों का जप करें।
  • प्रभु की आरती करें और तुलसी दल डालकर उन्हें खीर का भोग लगाएं।
  • अब रात्रि के समय चंद्रमा की आराधना करें।
  • आप एक लोटे में कच्चा दूध डालकर उससे चंद्रमा को अर्घ्य दें।
  • फिर जरूरतमंद व्यक्तियों को दान-दक्षिणा दें।

Chaitra Purnima 2026:- चैत्र पूर्णिमा का पौराणिक महत्व

धार्मिक ग्रंथों में वर्णित है कि चैत्र मास का संबंध ब्रह्मा जी से है। इसीलिए इस मास में किए गए सभी पुण्यकर्मों का फल कई गुना बढ़कर प्राप्त होता है। चैत्र मास की पूर्णिमा को श्री हनुमान जी का प्राकट्य दिवस भी मनाया जाता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित ‘हनुमान चालीसा’ में भी वर्ण आता है—

चारों जुग परताप तुम्हारा, है परसिद्ध जगत उजियारा।

श्री हनुमान जी कलियुग के जाग्रत देव हैं, और चैत्र पूर्णिमा का दिन उनके श्रीचरणों में भक्ति अर्पण का परम अवसर होता है।

इसके अतिरिक्त यह दिन भगवान विष्णु की पूजा, सत्यनारायण व्रत कथा और महालक्ष्मी पूजन के लिए भी श्रेष्ठ माना गया है। देवी लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए भक्तजन इस दिन विधिपूर्वक व्रत करते हैं, सत्यनारायण भगवान की कथा पढ़ते हैं और रात्रि में दीपदान करते हैं।

Chaitra Purnima 2026:- चैत्र पूर्णिमा के उपाय

  • धन और समृद्धि के लिए मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करें
  • खीर, फल और फूल का भोग अर्पित करें
  • “ॐ श्रीं श्रीये नमः” मंत्र का जाप करें
  • दीपक जलाएं और घर की सफाई करके शुभ वातावरण बनाएं
  • मान्यता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और घर में बरकत आती है.
  • मानसिक शांति चाहिए? तो करें भगवान शिव का अभिषेक
  • भगवान शिव को कच्चे दूध से अभिषेक करें

Subscribe to our Newsletter

To Recieve More Such Information Add The Email Address ( We Will Not Spam You)

Share this post with your friends

Leave a Reply

Related Posts

Chaitra Purnima 2026:- चैत्र पूर्णिमा 2026 कब है? जाने कब है पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि, महत्व और अचुक उपाय!!

Chaitra Purnima 2026:- चैत्र पूर्णिमा 2026 कब है? जाने कब है पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि, महत्व और अचुक उपाय!!

Gudi Padwa 2026

Gudi Padwa 2026:- कब है गुड़ी पड़वा का पावन उत्सव साल 2026 में, जाने इसका शुभ मुहूर्त, पूजन विधि, महत्व और अचुक उपाय!!

Gudi Padwa 2026:- कब है गुड़ी पड़वा का पावन उत्सव साल 2026 में, जाने इसका शुभ मुहूर्त, पूजन विधि, महत्व और अचुक उपाय!!

Papmochani Ekadashi 2026

Papmochani Ekadashi 2026:- जाने पापमोचनी एकादशी 2026 के बारे में, क्या है पापमोचनी एकादशी, शुभ मुहूर्त, अनुष्ठान और सारी जानकारी!!

Papmochani Ekadashi 2026:- जाने पापमोचनी एकादशी 2026 के बारे में, क्या है पापमोचनी एकादशी, शुभ मुहूर्त, अनुष्ठान और सारी जानकारी!!