Vaishakha Purnima 2026:- भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराएँ इतनी गहराई से जुड़ी हुई हैं कि हर महीना, हर तिथि अपने आप में एक पवित्र संदेश समेटे रहती है। वैशाख माह हिंदू पंचांग का एक अत्यंत पवित्र और पुण्यमय माह है, जो आमतौर पर अप्रैल और मई के बीच पड़ता है। भारतीय राष्ट्रीय पंचांग में इसे वर्ष का दूसरा माह माना जाता है।
Vaishakha Purnima 2026:- वैशाख पूर्णिमा 2026 का शुभ मुहूर्त
वैशाख पूर्णिमा रविवार, मार्च 11, -2026 को
वैशाख पूर्णिमा के दिन चन्द्रोदय – 07:08 पी एम
पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ – मार्च 10, -2026 को 10:43 ए एम बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त – मार्च 11, -2026 को 10:29 ए एम बजे
Vaishakha Purnima 2026:- वैशाख पूर्णिमा के पालन योग्य नियम
ब्रहमचर्य का पालन – इस दिन व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक संयम रखना चाहिए। असत्य, क्रोध, हिंसा और वाणी पर नियंत्रण रखना जरूरी होता है।
स्नान और दान का विशेष महत्व – सूर्योदय से पहले पवित्र नदी, सरोवर या घर पर गंगाजल मिले पानी से स्नान करना चाहिए।
व्रत का नियम – इस दिन व्रत रखना अत्यंत शुभ माना जाता है। दिनभर फलाहार लेकर प्रभु का ध्यान करना चाहिए।
सात्विक भोजन – इस दिन प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा जैसे तामसिक चीजों से दूर रहना चाहिए।
परोपकार और दान – जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, जल से भरा कलश, पंखा, छाता, सत्तू, गुड़ आदि का दान करना चाहिए।
मौन और ध्यान – इस दिन मौन रहकर ध्यान और आत्मचिंतन करना लाभदायक होता है।
Vaishakha Purnima 2026:- वैशाख पूर्णिमा की पूजा विधि
प्रातः स्नान – सूर्योदय से पूर्व उठकर गंगाजल मिले जल से स्नान करें। हो सके तो किसी नदी या तीर्थ स्थल पर स्नान करें।
दीप जलाएं – पूजा स्थल पर तांबे या पीतल के दीपक में गाय के घी का दीप जलाएं।
भगवान विष्णु की पूजा – भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र के सामने सफेद फूल, तुलसी पत्र, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें।
भगवद्गीता या विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें – विष्णु भगवान की महिमा सुनना और पढ़ना इस दिन विशेष फलदायक होता है।
सत्यनारायण व्रत कथा – इस दिन श्री सत्यनारायण व्रत कथा सुनना अत्यंत पुण्यदायक माना गया है। कथा के बाद प्रसाद सभी में वितरित करें।
तुलसी में जल अर्पण – तुलसी के पौधे में जल चढ़ाकर दीपक जलाएं और उसकी परिक्रमा करें।
भगवान बुद्ध की पूजा – चूंकि यह दिन बुद्ध पूर्णिमा भी होता है, इसलिए शांति, करुणा और ज्ञान के प्रतीक गौतम बुद्ध की पूजा भी की जाती है। उनकी मूर्ति को स्नान कराकर फूल चढ़ाएं और ध्यान करें।
Vaishakha Purnima 2026:- वैशाख पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व
हिंदू धर्म में प्रत्येक पूर्णिमा को शुभ और दिव्य माना जाता है, लेकिन वैशाख पूर्णिमा का विशेष महत्व है। यह वर्ष की दूसरी पूर्णिमा है और इसे धर्म, दान और स्नान का महान पर्व कहा जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से न केवल शरीर बल्कि आत्मा भी शुद्ध होती है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन पुण्य कर्म करने वाले व्यक्ति को कई जन्मों के पापों से मुक्ति मिलती है।
Vaishakha Purnima 2026:- वैशाख पूर्णिमा से जुड़े उपाय
गृह क्लेश से छुटकारा पाने का उपाय
वैशाख पूर्णिमा की रात घर के मुख्य द्वार, मंदिर, रसोई और तुलसी के पेड़ के पास दीपक जलाएं। इस दौरान मन ही मन विष्णु जी के नाम का जाप करें। इससे आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होगा और गृह क्लेश से छुटकारा मिलेगा। साथ ही परिवार में खुशियां बढ़ेंगी।
कर्ज से मुक्ति पाने का उपाय
वैशाख पूर्णिमा की रात पीपल के पेड़ की पूजा करें। पेड़ के पास बैठकर विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। इस उपाय से आपको धन लाभ होगा और आसानी से आप कर्ज चुका पाएंगे।
ग्रह दोष दूर करने का उपाय
वैशाख पूर्णिमा के व्रत का पारण करने से पहले रात के अंधेरे में जरूरतमंद लोगों को जल पात्र, पंखा, नमक या चप्पल का दान करें। इससे आपको ग्रह दोष से मुक्ति मिलेगी और घर-परिवार में बरकत होगी।





